दलित छात्र ने पानी के मटके से पानी पिया तो?टीचर ने बुरी तरह से पीटा हुई मौत।

यह मामला राजस्थान का है। एक ओर जहां देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है वहीं दूसरी और राजस्थान के जालौर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक टीचर ने पानी का मटका टच करने पर 9 साल के दलित बच्चे को बुरी तरह से पीट-पीटकर मार दिया।

दलित छात्र ने पानी के मटके से पानी पिया तो?टीचर ने बुरी तरह से पीटा हुई मौत।
दलित छात्र ने पानी के मटके से पानी पिया तो?टीचर ने बुरी तरह से पीटा हुई मौत।

यह मामला राजस्थान का है। एक ओर जहां देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है वहीं दूसरी और राजस्थान के जालौर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक टीचर ने पानी का मटका टच करने पर 9 साल के दलित बच्चे को बुरी तरह से पीट-पीटकर मार दिया।

पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव बना रहा है। देशवासी अपने घरों में तिरंगा झंडा लगा रहे हैं। लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी देश में जातिवाद और छुआछूत के मामले देखने को मिलते रहते हैं। राजस्थान के जालौर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक प्राइवेट स्कूल की टीचर ने पानी के मटके को टच करने पर 9 साल के दलित बच्चे को बुरी तरह से पीटा जिससे उसकी मौत हो गई।

SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज।

जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को मिली पुलिस ने 40 साल के आरोपी टीचर चेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया और उस पर हत्या और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण SC-ST एक्ट अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

बुरी तरह पीटा।

सुराणा गांव में एक निजी स्कूल के छात्र इंद्र मेघवाल की 20 जुलाई को की गई थी। पिटाई और अहमदाबाद के एक अस्पताल में शनिवार को उसकी मौत हो गई। राज्य के शिक्षा विभाग में मामले की जांच शुरू कर दी है। जालौर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि लड़के को बुरी तरह से पीटा गया था। उन्होंने कहा कि पानी के मटके को टच करने के कारण बच्चे की पिटाई की गई और उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी जांच की जानी बाकी

CM ने कई यह बातें।

इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी ट्वीट सामने आए। उन्होंने कहा, जालौर के सायला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा मारपीट के कारण छात्र की मृत्यु दुखद है। आरोपी शिक्षक के विरुद्ध हत्या व SC-ST एक्ट की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तारी की जा चुकी है दोषी को जल्द सजा हेतु प्रकरण को केस ऑफिस की में लिया गया पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलवाना सुनिश्चित किया गया। मृतक के परिवार को ₹500000 सहायता राशि के रूप में मुख्यमंत्री सहायता कोष से दी जाएगी।

चेहरे और कान पर आई चोटें।

बच्चे के पिता ने कहा कि उसके बेटे के चेहरे और कान पर चोटें आई थी और वे लगभग बेहोश हो गया था। पिता के अनुसार उसे जिला अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उसे उदयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। लड़के के पिता देवाराम मेघवाल ने कहा, बच्चा लगभग 1 सप्ताह तक उदयपुर के हॉस्पिटल में भर्ती रहा, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर उनसे अहमदाबाद ले गए। उसकी हालात में वहां भी सुधार नहीं आया और उनको शनिवार को दम तोड़