रक्षाबंधन पर रहेगा भद्रा का साया, इस समय ना बांधें भाई को राखी

रक्षाबंधन पर भद्रकला में राखी नहीं बांधनी चाहिए।इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है।ऐसा माना जाता है कि लंकापति रावण की बहन ने भद्र कला में ही उसकी कलाई पर राखी बांधी थी।और इसके साथ ही उसका 1 वर्ष के अंदर विनाश हो गया।ऐसा माना जाता है कि भद्रा शनिदेव की बहन थी।भद्रा को ब्राह्मणों ने श्राप दिया था कि जो भी भद्रा में शुभ या मांगलिक कार्य करेगा, उसका परिमाण शुभ होगा

रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर स्नेह और प्रेम का सूत्र बांधती हैं और साथ ही उसकी लंबी उम्र की दुआ करती है। इसके बदले में भाई उन्हें रक्षा का वचन देते हैं रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 11 अगस्त को मनाया जाएगा ज्योतिष का कहना है कि इस साल रक्षा बंधन पर भद्रा का साया रहेगा

भद्रा में नहीं बांधी जाती राखी

रक्षाबंधन पर भद्रकला में राखी नहीं बांधनी चाहिए।इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है।ऐसा माना जाता है कि लंकापति रावण की बहन ने भद्र कला में ही उसकी कलाई पर राखी बांधी थी।और इसके साथ ही उसका 1 वर्ष के अंदर विनाश हो गया।ऐसा माना जाता है कि भद्रा शनिदेव की बहन थी।भद्रा को ब्राह्मणों ने श्राप दिया था कि जो भी भद्रा में शुभ या मांगलिक कार्य करेगा, उसका परिमाण शुभ होगा

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त।

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के कई अशुभ मुहूर्त रहेंगे।इस दिन सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक शुभ मुहूर्त होगा।

फिर दोपहर 02 बजकर 14 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट तक शुभ मुहूर्त होगा।आप कोई भी शुभ मुहूर्त देखकर अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।