{"vars":{"id": "112470:4768"}}

हरियाणा में प्रशासनिक हलचल, 6 अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए छह अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया।
 

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए छह अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया।

जानकारी के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों की विकास परियोजनाओं की जांच के दौरान कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी कमियां और निर्धारित मानकों से जुड़े उल्लंघन सामने आए। इसके बाद लोक निर्माण विभाग और विकास एवं पंचायत विभाग के कुल छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। वहीं कुछ अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनता के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को ऑडिट में चिन्हित खामियों को जल्द दूर करने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ मामलों में ठेकेदारों से नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

बैठक में विभिन्न विभागों की सड़क, भवन, सिंचाई, बिजली, जलापूर्ति और शहरी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजनाओं में पाई गई तकनीकी कमियों और गुणवत्ता संबंधी मुद्दों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी इंजीनियरिंग विभाग परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण और रखरखाव के हर चरण में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करें। साथ ही परियोजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों और स्वतंत्र निरीक्षण एजेंसियों की सेवाएं लेने पर भी जोर दिया गया।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने निर्माण स्थलों पर परियोजना से जुड़ी जानकारी वाले क्यूआर कोड लगाने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आगामी समय में परियोजनाओं के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता के उच्च मानकों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।