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हरियाणा में ACB की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक हलचल, दर्जनों अधिकारियों के तबादले प्रस्तावित

चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सख्त रुख अपनाया है। 

 

चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सख्त रुख अपनाया है। ब्यूरो ने सरकार को सुझाव दिया है कि रिश्वत लेते हुए पकड़े गए और बाद में जमानत पर बाहर आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर कड़े नियम लागू किए जाएं।

जानकारी के अनुसार, एसीबी ने सरकार को सिफारिश भेजते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार कर्मचारियों को यदि जांच लंबित रहने के दौरान दोबारा सेवा में लिया जाता है, तो उनकी तैनाती पहले वाले कार्यक्षेत्र से काफी दूर की जानी चाहिए। इसका उद्देश्य पुराने प्रभाव और संपर्कों का दुरुपयोग रोकना बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, ब्यूरो ने ऐसे कई अधिकारियों और कर्मचारियों का डाटा तैयार किया है जो पूर्व में भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं, लेकिन वर्तमान में फिर उसी या आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है।

वहीं दूसरी ओर, फरीदाबाद नगर निगम में पिछले कई वर्षों के विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी भी चल रही है।

पंचकूला नगर निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले में भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, लेकिन अभी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल बाकी है। जांच के दौरान कुछ नए नाम सामने आने के बाद आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।