हरित ऊर्जा को मिली रफ्तार, नायब सरकार का बड़ा फैसला, हरियाणा में 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली मंजूरी
हरियाणा सरकार राज्य में स्वच्छ परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों को रवाना किया गया।
सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र और आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों और वृक्षारोपण अभियानों में लोगों की सक्रिय भागीदारी ने हरित विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया है। राज्य अब विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता देते हुए सतत भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हरियाणा सरकार राज्य में स्वच्छ परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों को रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
इस अवसर पर राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण के अनुकूल विकास मॉडल को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ आवश्यक बुनियादी ढांचे का भी विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को सुविधाजनक और स्वच्छ परिवहन विकल्प उपलब्ध हो सकें।
सरकार द्वारा प्रस्तावित ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल खेती और शून्य-उत्सर्जन वाहनों जैसी परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करने के लिए विभिन्न जिलों में चार्जिंग सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। साथ ही प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।
सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र और आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों और वृक्षारोपण अभियानों में लोगों की सक्रिय भागीदारी ने हरित विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाया है। राज्य अब विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता देते हुए सतत भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।