SBI पेश हुआ धांसू स्कीम के साथ! एकमुशत जमा पर मिलेगा इतना मोटा ब्याज
SBI Annuity Deposit Scheme: अगर आप भी निवेश करने का सोच रहे हैं, तो SBI Annuity Deposit Scheme आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह स्कीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा पेश की गई है और यह उन निवेशकों के लिए डिज़ाइन की गई है, जो एकमुश्त निवेश के बाद हर महीने ब्याज प्राप्त करना चाहते हैं।
SBI Annuity Deposit Scheme क्या है?
SBI Annuity Deposit Scheme एक ऐसी वित्तीय योजना है जिसमें आप एकमुश्त डिपॉजिट करके, हर महीने ब्याज के रूप में पैसे प्राप्त कर सकते हैं। यह स्कीम खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो नियमित रूप से आय प्राप्त करना चाहते हैं। इस स्कीम के जरिए आप अपनी जमा राशि पर ब्याज का लाभ उठा सकते हैं, जो आपके द्वारा चुने गए समय अवधि पर निर्भर करता है।
क्या हैं इस स्कीम के लाभ
एकमुश्त डिपॉजिट करने के बाद हर महीने आपको ब्याज मिलेगा। यह स्कीम खासकर पेंशनभोगियों और उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो नियमित आय चाहते हैं। SBI की इस स्कीम में आपको वही ब्याज मिलता है, जो SBI की रेगुलर और सीनियर सिटीजन के लिए टर्म डिपॉजिट पर मिलता है।
आप 36, 60, 84 या 120 महीनों तक के लिए निवेश कर सकते हैं, और इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस स्कीम के तहत मंथली एन्युटी 1000 रुपये से शुरू होती है। समय से पहले डिपॉजिट वापस लेने पर FD की दर से पेनल्टी लागू होती है। स्कीम में टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) के बाद एन्युटी आपके सेविंग अकाउंट में क्रेडिट की जाती है।
निवेश करने की प्रक्रिया
इस स्कीम में निवेश करने के लिए आपको सबसे पहले एक एसबीआई ब्रांच पर जाना होगा। एकमुश्त राशि जमा करने के बाद, आपके खाते में ब्याज की मासिक राशि जमा की जाएगी। ब्याज का भुगतान हर महीने आपके लिंक्ड सेविंग अकाउंट में होगा। भुगतान की तारीख के लिए आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भुगतान स्वचालित रूप से किया जाएगा।
जमाकर्ता की मृत्यु होने पर
अगर जमाकर्ता की मृत्यु हो जाती है, तो स्कीम को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है। 15 लाख रुपये तक की डिपॉजिट पर भी प्री- पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है।
SBI Annuity Deposit Scheme के लिए शर्तें और नियम
जो लोग पेंशन प्राप्त करते हैं, उनके लिए यह स्कीम बहुत उपयुक्त है क्योंकि वे नियमित आधार पर आय प्राप्त करना चाहते हैं। ब्याज दरें बैंक द्वारा निर्धारित की जाती हैं और समय-समय पर बदल सकती हैं। ब्याज पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) लागू होता है, जिसे आपके खाते में जमा होने से पहले काट लिया जाएगा।