कश्मीरी पंडित की हत्या एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर आज सुनवाई करेगा सर्वोच्च न्यायालय इस आदेश को दी गई चुनौती।

सुप्रीम कोर्ट कश्मीर 1990 में कश्मीरी पंडितों को लक्षित हत्याओं की एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा जिसके कारण घाटी से उनका पलायन हुआ

कश्मीरी पंडित की हत्या एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर आज सुनवाई करेगा सर्वोच्च न्यायालय इस आदेश को दी गई चुनौती।
कश्मीरी पंडित की हत्या एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर आज सुनवाई करेगा सर्वोच्च न्यायालय इस आदेश को दी गई चुनौती।

सुप्रीम कोर्ट कश्मीर 1990 में कश्मीरी पंडितों को लक्षित हत्याओं की एसआईटी जांच की मांग करने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा जिसके कारण घाटी से उनका पलायन हुआ। याचिका पर सुनवाई तब हुई जब रूट्स इन कश्मीरी द्वारा दायर एक उपचारात्मक याचिका शीर्ष अदालत में लंबित है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई या राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए द्वारा 1989-90 के दौरान कश्मीर पंडित के सामूहिक हत्याओं और नरसंहार की जांच की मांग की गई है ।

न्यायमूर्ति बी आर गवरी और न्यायमूर्ति सीटी रवि कुमार की पीठ एनजीओ वी द सिटिजन' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करेगी जिसमें घाटी से पलायन करने वालों के पुनर्वास के लिए निर्देश निर्देश की मांग की गई है।

इस साल मार्च में रूट्स इन कश्मीरी द्वारा दायर याचिका में 2017 में पारित शीर्ष अदालत के एक आदेश को चुनौती दी है।

याचिका को खारिज करते हुए कहा, याचिका में संदर्भित उदाहरण वर्ष 1989-90 से संबंधित है और 27 साल से अधिक समय बीत चुके हैं। तब से कोई और सार्थक उद्देश्य सामने नहीं आएगा क्योंकि उसमें कुछ देर के साक्ष्य उपलब्ध होने की संभावना बहुत ही कम है।

संगठन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि क्यों क्यूरेटिव पिटीशन के समर्थन में वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह द्वारा एक प्रमाण पत्र जारी किया गया है क्यूरेटिव पिटीशन की याचिका में सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार पर वर्ष 2018 के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया गया है।

उच्च न्यायालय ने अपील की अनुमति देते हुए कहा, धैर्य से प्रतीक्षा कर रहे अनित पंडितों को आस्था करना महत्वपूर्ण है। चुनौतियों के बावजूद सच्चाई की जीत होगी और न्याय होगा।