उत्तर प्रदेश में प्राइवेट स्कूल के टीचर की हैवानियत 250 रु फीस के लिए बच्चे को मार डाला।

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक शिक्षक की हैवानियत का मामला सामने आया है जहां एक टीचर पर आरोप लगाया कि उसने अपने स्कूल की ड्रेस और रुपए की फीस को लेकर तीसरी क्लास के 13 वर्षीय छात्र को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस अप्रत्याशित घटना से बच्चे के परिजन और गांव वालों ने जमकर आक्रोश किया है।

उत्तर प्रदेश में प्राइवेट स्कूल के टीचर की हैवानियत 250 रु फीस के लिए बच्चे को मार डाला।
उत्तर प्रदेश में प्राइवेट स्कूल के टीचर की हैवानियत 250 रु फीस के लिए बच्चे को मार डाला।

उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक शिक्षक की हैवानियत का मामला सामने आया है जहां एक टीचर पर आरोप लगाया कि उसने अपने स्कूल की ड्रेस और रुपए की फीस को लेकर तीसरी क्लास के 13 वर्षीय छात्र को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस अप्रत्याशित घटना से बच्चे के परिजन और गांव वालों ने जमकर आक्रोश किया है।

परिजनों ने किया प्रदर्शन

छात्र के परिजनों का आरोप है कि बीते 8 अगस्त को स्कूल पर छात्र की स्कूल टीम ने फीस न जमा होने को लेकर बेरहमी से पिटाई कर दी। जिस की हालत गंभीर थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए ले जाया गया जहां इलाज के दौरान छात्र कि कल देर शाम को मौत हो गई।छात्र की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों सहित स्थानीय लोगों ने सीसी दिया मार्ग पर जाम प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस के आश्वासन के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। पुलिस ने मृतक छात्र के चाचा की तहसील पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि 13 साल के बृजेश का सपना था कि वह बड़ा होकर अफसर बनेगा और घरवालों को बहुत सारी खुशियां देगा। तीसरी क्लास में पढ़ने वाले बृजेश को नहीं मालूम था कि जिस गुरु पैर छूकर वे छात्र ज्ञान प्राप्त काबिल बनते हैं, उसी गुरु के हाथों से उसकी मौत हो जाएगी।

भाई का बयान!

मृतक के भाई ने बताया कि क्लास में आते टीचर ने भाई की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। उसने कहा कि मैं मेरे भैया को मत मारो हमने फीस जमा करा दिए। उन्हें मत मारो लेकिन बिना प्रिंसिपल से बात कर सकता है। जाने हमारी टीचर ने उसे इतना मारा कि वह अधमरा हो गया। भाई घर पहुंचा तो उसके हालात बिगड़ गई। फिर घर वालों ने डॉक्टर को दिखाया।लेकिन कई दिन के इलाज के बाद आराम नहीं मिला तो उससे बहराइच के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई।