सिरसा जिला के गांव गुसाईयाना मे पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने मैं बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ

जिला के गांव गुसाईयाना में पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने आखड़े में बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ चर्चा की 30 से 40 फीट बने मिट्टी के टीले में बारिश के कारण कुछ हिस्से की मिट्टी गिरी जिससे यहाँ किसी समय मे किसी साधु ने समाधि ली हुई थी जो अब सैकड़ों साल बाद कंकाल के रूप में दिखाई देने लगी है सिरसा जिला के गांव गुसाईयाना मे पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने मैं बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ

सिरसा जिला के गांव गुसाईयाना मे पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने मैं बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ
सिरसा जिला के गांव गुसाईयाना मे पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने मैं बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ

जिला के गांव गुसाईयाना में पुराने कुएं के पास बने सैकड़ों साल पुराने आखड़े में बीते दिनों बारिश के कारण चमत्कार हुआ चर्चा की 30 से 40 फीट बने मिट्टी के टीले में बारिश के कारण कुछ हिस्से की मिट्टी गिरी जिससे यहाँ किसी समय मे किसी साधु ने समाधि ली हुई थी जो अब सैकड़ों साल बाद कंकाल के रूप में दिखाई देने लगी है

नीचे तस्वीरों में एक्स यहां एक मंदिर भी बना हुआ है जो हाल ही में पिछले 7 साल पहले बनाया गया था समाधि की फोटो देखे तो साधु का कंकाल बैठा हुआ समाधि में है और जब उन्होंने समाधि ली थी तब उनके सर पर एक मटका भी लगाया गया था

गांव वालों से बातचीत से पता चला काफी पुराने समय की बात है यहां एक बहुत ही क्रोधित समभाव के महाराज रहते हैं गांव पर आने वाले कोई बड़ी संकट से बचाने के लिए जीवित समाधि ली थी हां लेकिन यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है वास्तव में उन्होंने जीवित समाधि ली थी

अब तक यह पता नहीं है की कंकाल कितने साल पुराना है और ना ही पुरातवत विभाग को इसकी कोई सूचना दि गयी है लेकिन गांव के बुजुर्गों की मानें तो यह कम से कम 400 साल पुराना साधु का कंकाल है जिनका नाम प्रेमदास जी महारजा था और आज भी उनका कंकाल जो अब तक ज्यो की त्यो सुरक्षित पड़ा हुआ है और गांव के लोग देखने आने जाने लगे

गांव के बुजुर्गों और लोगों का कहना है यह कंकाल निकलना गांव में किसी बड़ी दुर्घटना का संकेत हो सकता है जबकि कुछेक कहना है की साधु ने अस्तित्व ने आने के लिए चमत्कार दिखाएं है वास्तव में किसी ने किसी समय मैं समाधि ली थी करने के लिए चमत्कार हुआ

आज दिनांक 6 अगस्त को दोपहर के बाद फिर से साधु को सैकड़ों साल बाद दोबारा मिट्टी दी जाएगी

आपको यह भी बता दें सिरसा जिले गुसाईयाना का गांव धार्मिक गांव है और यहां के लोग अपनी आस्था से सब मानते हैं यहां केवल यह अखाड़ा ही नहीं दादा गुसाई जी का एक प्राचीन मंदिर भी है जो कि इस गांव के कुल देवता के रूप में पूजा जाते हैं